रणवीर सिंह की हालिया फिल्म धुरंधर की बॉक्स ऑफिस सफलता के बीच उनके करियर से जुड़ा एक पुराना फैसला फिर चर्चा में आ गया है। निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा ने खुलासा किया है कि 2019 में रिलीज़ हुई कबीर सिंह सबसे पहले रणवीर सिंह को ऑफर की गई थी, लेकिन अभिनेता ने इसे करने से इनकार कर दिया था।
iDream Media को दिए एक इंटरव्यू में वांगा ने बताया कि अर्जुन रेड्डी की बड़ी सफलता के बाद जब उन्होंने इसकी हिंदी रीमेक बनाने का फैसला किया, तो मुंबई से लगातार कॉल आने लगे। उसी दौरान उन्होंने रणवीर सिंह को फिल्म सुनाई।
वांगा के शब्दों में, “मैं यह फिल्म रणवीर के साथ करना चाहता था, लेकिन आखिरकार उन्होंने मना कर दिया क्योंकि उस समय यह उन्हें बहुत डार्क लगी।”
रणवीर के बाद शाहिद कपूर का चयन
वांगा ने बताया कि रणवीर के इनकार के बाद कबीर सिंह शाहिद कपूर के पास गई। उस समय इंडस्ट्री के भीतर इस कास्टिंग को लेकर संदेह था, क्योंकि शाहिद का बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड उतना मजबूत नहीं माना जा रहा था।
वांगा के मुताबिक, कई लोगों ने कहा कि अगर रणवीर फिल्म करते, तो कारोबार और बड़ा होता। इसके बावजूद वांगा अपने फैसले पर कायम रहे और शाहिद पर भरोसा जताया।
‘कबीर सिंह’ की सफलता और ‘क्या होता अगर…’
करीब 36 करोड़ रुपये के बजट में बनी कबीर सिंह ने दुनिया भर में लगभग 380 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। यह शाहिद कपूर के करियर की सबसे बड़ी व्यावसायिक सफलता साबित हुई और आज भी फिल्म अपनी थीम और बहसों के कारण चर्चा में रहती है।
इसी वजह से रणवीर सिंह के लिए कबीर सिंह को लेकर ‘व्हाट इफ’ की चर्चा होती है। उस दौर में रणवीर बाजीराव मस्तानी, पद्मावत, सिम्बा और गली बॉय जैसी सफल फिल्मों के दम पर शानदार फॉर्म में थे। ऐसे में यह फिल्म उनके करियर ग्राफ को और ऊंचा ले जा सकती थी—ऐसी राय अक्सर सामने आती है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
इक्कीस और धुरंधर के बाद रणवीर के करियर को लेकर चल रही बहस के बीच कबीर सिंह वाला फैसला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
कुछ यूजर्स का मानना है कि रणवीर ने एक बड़े मौके को जाने दिया, जबकि कुछ लोग इसे अभिनेता का सोच-समझकर लिया गया फैसला बताते हैं, क्योंकि फिल्म का टोन और राजनीति लंबे समय तक विवाद में रही।
मौजूदा तस्वीर
आज की तारीख में धुरंधर की सफलता ने रणवीर सिंह को एक बार फिर बॉक्स ऑफिस की दौड़ में आगे ला खड़ा किया है। कबीर सिंह भले ही उनके खाते में न आई हो, लेकिन यह फैसला उनके करियर की उन चुनिंदा बातों में शामिल है, जिन पर चर्चा शायद लंबे समय तक चलती रहेगी।


