गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर कड़ा सुरक्षा घेरा, 30 हजार जवान और AI से निगरानी

1,000 से ज्यादा कैमरे, स्मार्ट ग्लासेस और ड्रोन-रोधी सिस्टम के साथ दिल्ली हाई अलर्ट पर

Virat
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गणतंत्र दिवस परेड

गणतंत्र दिवस पर कल दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के लिए सुरक्षा व्यवस्था इस बार पहले से कहीं ज्यादा सख्त रखी गई है। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मौजूदगी और बड़े जनसमूह को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है।

इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन हैं। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को उच्च स्तर पर रखा गया है।

30,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात

परेड और उससे जुड़े इलाकों की सुरक्षा में 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्द्धसैनिक बलों की 70 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं। कर्तव्य पथ के साथ-साथ दिल्ली के प्रमुख मार्गों, प्रवेश बिंदुओं और संवेदनशील इलाकों पर अतिरिक्त बल लगाया गया है।

स्मार्ट ग्लासेस से होगी भीड़ की निगरानी

इस बार पारंपरिक सुरक्षा इंतजामों के साथ तकनीक पर भी खास जोर दिया गया है। चुनिंदा सुरक्षाकर्मियों को AI से लैस स्मार्ट ग्लासेस दिए गए हैं।
ये ग्लासेस भीड़भाड़ वाले इलाकों में चेहरों को स्कैन कर रियल टाइम में पुलिस डेटाबेस से उनका मिलान कर सकते हैं। इसका मकसद ज्ञात अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों की जल्दी पहचान करना है। परेड रूट पर कुछ कर्मियों को खास तौर पर इन ग्लासेस से लैस किया गया है।

1,000 से ज्यादा CCTV कैमरे, फेस रिकग्निशन से जुड़े

दिल्ली के मुख्य रास्तों और परेड रूट पर 1,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों को फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से जोड़ा गया है, जिसमें आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों का डेटा पहले से फीड किया गया है।
जैसे ही किसी कैमरे में संदिग्ध चेहरा कैद होगा, सिस्टम तुरंत उसकी पहचान कर अलर्ट भेज सकेगा। कर्तव्य पथ क्षेत्र में इसके लिए कुल छह कैमरा कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।

स्नाइपर, ड्रोन-रोधी सिस्टम और हवाई निगरानी

सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों में ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमें तैनात की गई हैं। साथ ही, हवाई क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन-रोधी प्रणाली भी लगाई गई है।
संवेदनशील क्षेत्रों के पास मानवरहित हवाई प्रणालियों पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की हवाई गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

होटलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों पर भी नजर

दिल्ली पुलिस होटलों, गेस्ट हाउस, किरायेदारों और घरेलू कर्मचारियों का सत्यापन भी कर रही है। बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते ध्यान दिया जा सके।

1,000 पार्किंग स्थल सुरक्षा जोखिम के रूप में चिन्हित

पूरे शहर में बिना निगरानी वाली करीब 1,000 पार्किंग को संभावित सुरक्षा जोखिम माना गया है। पुलिस के मुताबिक, इन जगहों पर लावारिस या छोड़े गए वाहनों के साथ-साथ निगरानी की कमी सुरक्षा के लिहाज से चिंता का कारण है।
इनमें कई पार्किंग मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बाजारों, मॉल और रिहायशी इलाकों के पास स्थित हैं। दिल्ली कार धमाके के बाद ऐसी पार्किंग्स की जांच और निगरानी बढ़ा दी गई है।

कुल मिलाकर, इस बार गणतंत्र दिवस परेड के लिए सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक और मानवीय निगरानी, दोनों का संतुलित इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

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