भारत-पाकिस्तान एशिया कप मैच के बाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीत को पहलगाम आतंकी हमले के शहीदों को समर्पित किया। इस पर आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज ने उन्हें सीधी चुनौती दे डाली और कहा कि अगर हिम्मत है तो पूरी कमाई शहीदों के परिवारों को दान करें।
मुख्य तथ्य
- AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सूर्यकुमार यादव पर साधा निशाना।
- कहा- “अगर औकात है तो पूरी मैच कमाई शहीद परिवारों को दें।”
- भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया, मैच पर बहिष्कार की मांग उठी।
- विजय के बाद सूर्यकुमार ने जीत को “ऑपरेशन सिंदूर” और शहीदों को समर्पित किया।
- खिलाड़ियों ने विरोध में विपक्षी टीम से हाथ मिलाने से किया इनकार।
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप मुकाबले के बाद राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने यह जीत जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के शिकार हुए शहीदों और उनके परिवारों को समर्पित की। लेकिन इस बयान के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज ने उन पर तीखा हमला बोला।
भारद्वाज ने कहा कि “सिर्फ समर्पित करने से कुछ नहीं होगा। अगर वास्तव में हिम्मत है तो अपनी पूरी कमाई, प्रसारण अधिकारों और विज्ञापनों से जो पैसा आया है, उसे 26 शहीदों की विधवाओं को दे दीजिए। तब मानेंगे कि आपने सच्चे दिल से समर्पण किया है।” उन्होंने इसे “फर्ज़ी बयानबाज़ी” करार देते हुए क्रिकेटरों और बोर्ड पर गंभीर सवाल खड़े किए।
मैच के दौरान भी माहौल तनावपूर्ण रहा। भारत ने पाकिस्तान को सात विकेट से हराया, लेकिन खिलाड़ियों ने विरोध स्वरूप विपक्षी टीम से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया। टॉस के समय भी दोनों कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया। सूर्यकुमार यादव ने कहा कि टीम “ऑपरेशन सिंदूर” और हमारे शहीद जवानों के परिवारों के साथ खड़ी है।
उधर, विपक्षी नेताओं ने भी केंद्र सरकार को घेरा। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब भारत पाकिस्तान को आतंकी देश बताता है, तो फिर उसके साथ मैच क्यों खेला गया? पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई थी, जिसमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े “TRF” ने ली थी। इसके बाद भारत ने मई में “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की।


