बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने साफ कहा कि मोदी जी का कोई भी “करीबी” नहीं है और जो लोग ऐसा दावा करते हैं, वे या तो उन्हें जानते नहीं या फिर झूठ बोलते हैं।
मुख्य तथ्य
- स्मृति ईरानी ने कहा—पीएम मोदी का कोई पर्सनल करीबी नहीं है।
- मोदी जी हमेशा बड़े उद्देश्य से प्रेरित होकर काम करते हैं।
- ईरानी ने बताया कि पीएम मोदी को सालों पुरानी बातें भी याद रहती हैं।
- अपने राजनीतिक करियर का श्रेय स्मृति ने मोदी के सहयोग को दिया।
- 2019 में राहुल गांधी को हराकर अमेठी से जीतीं, 2024 में हारीं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने हाल ही में अभिनेत्री सोहा अली खान के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का कोई पर्सनल करीबी नहीं है और यह मानना कि कोई उनसे “नज़दीकी रिश्ता” रखता है, दरअसल सबसे बड़ा मिथक है।
ईरानी ने कहा, “मैं सबसे बड़ा मिथक तोड़ दूं—प्रधानमंत्री का कोई करीबी नहीं है। जो भी यह दावा करता है कि उसका उनसे पर्सनल कनेक्शन है, या तो वह मोदी जी को जानता नहीं या फिर सीधा झूठ बोल रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी हमेशा बड़े उद्देश्य से प्रेरित होकर काम करते हैं और अपने सहयोगियों का चुनाव भी उसी आधार पर करते हैं। “वह घर छोड़कर बड़े मकसद के लिए निकले थे। उन्होंने कभी भी ऐसे लोगों को नहीं चुना जो उस मकसद के लिए प्रभावी न हों,” ईरानी ने कहा।
स्मृति ईरानी ने मोदी जी की शार्प मेमोरी और डिटेल्स पर ध्यान देने की आदत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को सालों पुरानी बातें याद रहती हैं। “वह आपको 2007 में कही गई कोई बात भी याद दिला सकते हैं और अगर आपसे गलती हुई हो, तो उसी वक्त पकड़ भी लेंगे,” ईरानी ने कहा।
अपने राजनीतिक सफर पर बात करते हुए स्मृति ईरानी ने स्वीकार किया कि उनकी मंत्री बनने की यात्रा में पीएम मोदी का बहुत बड़ा योगदान रहा।
गौरतलब है कि स्मृति ईरानी 2019 में चर्चा में आई थीं जब उन्होंने अमेठी से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा से हार का सामना करना पड़ा। चुनावी हार के बाद से ईरानी ने राजनीति से दूरी बना ली है और एक बार फिर एक्टिंग की ओर लौट आई हैं। हाल ही में वह अपने आइकॉनिक किरदार तुलसी विरानी के साथ क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 में नज़र आईं।


