मुख्य तथ्य
- तिलक वर्मा ने पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में नाबाद 69 रन बनाए।
- हैरिस रऊफ के एक ओवर में तिलक और भारत ने बनाए 17 रन।
- तिलक बोले—“रऊफ वर्ल्ड-क्लास बॉलर हैं, लेकिन मैं भी अच्छा बल्लेबाज हूं।”
- प्रशंसकों ने हैदराबाद एयरपोर्ट पर तिलक का जोरदार स्वागत किया।
- कुलदीप यादव ने 17 विकेट झटककर “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” जीता।
दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए एशिया कप 2025 फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब पर कब्जा किया। इस मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने अपनी नाबाद 69 रन की शानदार पारी से सबका दिल जीत लिया। उनकी पारी का सबसे बड़ा आकर्षण पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हैरिस रऊफ के खिलाफ खेला गया वह ओवर था, जिसमें भारतीय बल्लेबाजों ने 17 रन ठोक दिए।
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में तिलक वर्मा से जब रऊफ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा— “हैरिस रऊफ वर्ल्ड-क्लास बॉलर हैं, लेकिन मैं भी अच्छा बल्लेबाज हूं।” यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और क्रिकेट फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गया।
रऊफ का प्रदर्शन फाइनल में उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। उनके आंकड़े रहे: 3.4 ओवर, 50 रन, बिना कोई विकेट। यही वजह रही कि भारतीय बल्लेबाजों ने उन पर दबाव बनाकर मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया।
दबाव में दिखाया क्लास
तिलक ने मैच के बाद कहा कि पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की थी और उन्होंने पेस और लेंथ में लगातार बदलाव किया। “यहां काफी दबाव था, लेकिन मैंने खुद को शांत रखने की कोशिश की। संजू सैमसन की शानदार पारी और शिवम दुबे का धैर्यपूर्ण खेल टीम के लिए बेहद अहम रहा।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने खुद को हर स्थिति के लिए तैयार किया था। बल्लेबाजी क्रम में लचीलापन होना चाहिए और मैं किसी भी पोजिशन पर खेलने के लिए तैयार था।”
हैदराबाद में गूंजा तिलक का नाम
भारतीय टीम की जीत के बाद जब तिलक वर्मा हैदराबाद लौटे तो एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्रशंसकों ने उन्हें घेरकर सेल्फी ली और इस युवा बल्लेबाज की तारीफों के पुल बांधे।
कुलदीप यादव बने नायक
भारत की गेंदबाजी में कुलदीप यादव सबसे चमकदार सितारे साबित हुए। उन्होंने फाइनल में 4 ओवर में 30 रन देकर 4 विकेट झटके। इसके साथ ही कुल 17 विकेट लेकर उन्हें “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” का अवॉर्ड मिला।
भारत की इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टीम इंडिया के युवा खिलाड़ी बड़े मौकों पर भी दबाव संभालने में सक्षम हैं।


