उत्तराखंड के देहरादून में मंगलवार (16 सितंबर) को बादल फटने के बाद हालात बिगड़ गए। सहस्त्रधारा में मची तबाही के बीच टौंस नदी में एक बड़ा हादसा हुआ, जिसमें छह मजदूर ट्रैक्टर समेत तेज बहाव में बह गए। इस दर्दनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मुख्य तथ्य
- सहस्त्रधारा में मंगलवार सुबह बादल फटा, जिससे भारी बारिश हुई।
- टौंस नदी के बीच फंसे मजदूर मदद का इंतजार कर रहे थे।
- मजदूर एक ट्रैक्टर पर सवार होकर बचाव की कोशिश कर रहे थे।
- तेज बहाव ने ट्रैक्टर को पलट दिया और सभी मजदूर बह गए।
- लोगों ने तट से मदद करने की कोशिश की लेकिन हादसा पलक झपकते हो गया।
देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मंगलवार (16 सितंबर) की सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा ने न केवल शहर और आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मचाई, बल्कि टौंस नदी में एक बेहद दर्दनाक हादसा भी सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मजदूरों का एक समूह ट्रैक्टर पर सवार होकर नदी के बीचोंबीच मदद का इंतजार कर रहा था।
ट्रैक्टर पर फंसे मजदूरों की बेबसी
वीडियो में साफ दिखाई देता है कि मजदूर पानी के बीच फंसे ट्रैक्टर पर खड़े होकर लोगों से मदद की गुहार लगा रहे थे। किनारे पर खड़े लोग भी उन्हें बचाने का उपाय सोच रहे थे, लेकिन तेज बहाव और नदी का उफान इतना खतरनाक था कि कोई भी अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।
पलक झपकते ही पलट गया ट्रैक्टर
स्थिति तब और भयावह हो गई जब अचानक तेज लहरों ने ट्रैक्टर को पलट दिया। कुछ ही सेकंड में ट्रैक्टर समेत सभी मजदूर नदी की गहराई में समा गए। तट पर खड़े लोग चीखते-चिल्लाते रह गए और तुरंत मदद के लिए दौड़े, लेकिन सब कुछ कुछ ही पलों में खत्म हो गया।
बादल फटने से बढ़ी मुश्किलें
सहस्त्रधारा क्षेत्र में बादल फटने के बाद लगातार हो रही बारिश ने नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा दिया है। इससे न केवल टौंस नदी में जलप्रलय जैसी स्थिति बन गई बल्कि निचले इलाकों में भी जलभराव और जनजीवन प्रभावित हुआ। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को राहत और बचाव कार्य के लिए अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि, मजदूरों के बह जाने की खबर से इलाके में मातम पसरा हुआ है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई चिंता
इस हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग न केवल घटना पर दुख जता रहे हैं बल्कि आपदा के समय सुरक्षा और बचाव व्यवस्थाओं पर सवाल भी उठा रहे हैं। यह घटना याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आई प्राकृतिक आपदाएं कितनी भयावह और जानलेवा हो सकती हैं।


