ग्रीनलैंड पर हमले की योजना? ट्रंप ने सैन्य अधिकारियों से मांगा प्लान, अमेरिकी सेना में असहमति की खबर

रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त विशेष अभियान कमान को निर्देश; ज्वाइंट चीफ्स ने बताया गैरकानूनी

Virat
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डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए संभावित सैन्य हमले की योजना बनवाना चाहते हैं। डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने अपने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को इस दिशा में प्लान तैयार करने का आदेश दिया है।

हालांकि, इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी सेना के भीतर इस प्रस्ताव को लेकर कड़ा विरोध है और शीर्ष सैन्य अधिकारी इसे गैरकानूनी और अव्यावहारिक मान रहे हैं।

सैन्य नेतृत्व ने उठाई वैधता पर आपत्ति

रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने संयुक्त विशेष अभियान कमान (JSOC) को ग्रीनलैंड पर संभावित कार्रवाई की योजना बनाने को कहा है। लेकिन ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इसका विरोध किया है।
वरिष्ठ अधिकारियों का तर्क है कि इस तरह का कोई भी सैन्य अभियान कांग्रेस की मंजूरी के बिना संभव नहीं है और कानूनी तौर पर टिक नहीं पाएगा। अधिकारियों ने इसकी राजनीतिक व्यवहार्यता पर भी सवाल उठाए हैं।

ध्यान भटकाने की कोशिश’ का दावा

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि सैन्य अधिकारी ट्रंप का ध्यान इस मुद्दे से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। एक सूत्र ने कहा कि जनरलों को यह योजना “बेतुकी और गैरकानूनी” लगती है।
इसी संदर्भ में यह भी दावा किया गया है कि अधिकारियों ने हाल ही में एक रूसी तेल जहाज को रोका और ईरान पर हमले का सुझाव दिया, ताकि राष्ट्रपति का फोकस दूसरी ओर जा सके।

ट्रंप के रवैये पर तीखी टिप्पणी

रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि ट्रंप की जिद से निपटना “पांच साल के बच्चे से निपटने जैसा” है। यह टिप्पणी बताती है कि प्रशासन और सैन्य नेतृत्व के बीच मतभेद कितने गहरे हैं।

वेनेजुएला अभियान के बाद बढ़ी आक्रामकता

रिपोर्ट के अनुसार, वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़ने के अभियान के बाद ट्रंप के करीबी सलाहकारों में आत्मविश्वास और आक्रामकता बढ़ी है। खास तौर पर स्टीफन मिलर के नेतृत्व वाले कट्टरपंथी गुट को लेकर यह बात कही गई है।
ब्रिटिश राजनयिक सूत्रों का दावा है कि अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनावों को देखते हुए ट्रंप विदेश नीति में कोई बड़ा और सख्त कदम उठा सकते हैं।

ट्रंप पहले भी दे चुके हैं बयान

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि ग्रीनलैंड को हासिल करना सिर्फ जमीन खरीदने का मामला नहीं है। उनके मुताबिक, यह रूस और चीन को दूर रखने से जुड़ा सुरक्षा सवाल है।
उन्होंने यह भी कहा था कि अगर अमेरिका ग्रीनलैंड को “आसान तरीके” से हासिल नहीं कर पाया, तो “सख्त विकल्पों” पर भी विचार किया जा सकता है।

NATO को लेकर भी चिंता

रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर हमला किया, तो NATO गठबंधन गंभीर संकट में पड़ सकता है।
कुछ यूरोपीय अधिकारियों को संदेह है कि ट्रंप के आसपास मौजूद कट्टरपंथी गुट का मकसद ही NATO को कमजोर करना हो सकता है। चूंकि अमेरिकी कांग्रेस ट्रंप को सीधे NATO से बाहर निकलने की इजाजत नहीं देगी, इसलिए ग्रीनलैंड जैसे कदम यूरोपीय देशों को गठबंधन छोड़ने की स्थिति में ला सकते हैं।

 

VIA:Newsbyte
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