ट्रंप–नेतन्याहू मुलाकात: तारीफों के बीच गाज़ा सीज़फायर पर बड़ा संदेश

Mar-a-Lago में हुई बैठक, इज़रायल–अमेरिका रिश्तों और युद्ध नीति पर संकेत

Priyanka
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ट्रंप–नेतन्याहू मुलाकात: गाज़ा सीज़फायर पर बड़ा संकेत

अमेरिका और इज़रायल के रिश्ते हमेशा रणनीतिक रहे हैं, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात में इनका राजनीतिक संदेश और भी अहम हो गया है। फ्लोरिडा में हुई ताज़ा मुलाकात ने यही दिखाया कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकेत देना चाहते हैं—खासकर तब, जब गाज़ा में संघर्ष और सीज़फायर का भविष्य अनिश्चित है।


मुख्य
तथ्य

  • Benjamin Netanyahu और Donald Trump की Mar-a-Lago में मुलाकात
  • दोनों नेताओं ने सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे की खुलकर तारीफ की
  • गाज़ा में Israel–Hamas सीज़फायर के दूसरे चरण पर चर्चा
  • बैठक से पहले नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश और रक्षा मंत्रियों से भी मुलाकात की

Mar-a-Lago में क्या हुआ
फ्लोरिडा स्थित Mar-a-Lago एस्टेट में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों नेता एक-दूसरे की भूमिका की सराहना करते दिखे। ट्रंप ने नेतन्याहू को “युद्धकालीन प्रधानमंत्री” बताते हुए कहा कि उन्होंने इज़रायल को एक बेहद खतरनाक दौर से बाहर निकाला है। उनके मुताबिक, “अगर उस समय गलत नेतृत्व होता, तो इज़रायल का अस्तित्व भी खतरे में पड़ सकता था।”

नेतन्याहू का जवाब और संदेश
नेतन्याहू ने भी ट्रंप की तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि इज़रायल को व्हाइट हाउस में ट्रंप जैसा दोस्त पहले कभी नहीं मिला। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने ट्रंप के नेतृत्व, स्पष्टता और इज़रायल के प्रति अडिग समर्थन को “असाधारण” बताया।

गाज़ा और सीज़फायर का संदर्भ
यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब गाज़ा में युद्धविराम का दूसरा चरण अटकता दिख रहा है। ट्रंप ने नेतन्याहू की मौजूदगी में कहा कि वे सीज़फायर के अगले चरण तक “जितनी जल्दी हो सके” पहुंचना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए Hamas का निरस्त्रीकरण ज़रूरी बताया। इससे साफ है कि बातचीत सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक दिशा तय करने वाली भी थी।

अमेरिकी प्रशासन से अलग बैठकें
ट्रंप से मिलने से पहले नेतन्याहू ने अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और रक्षा मंत्री Pete Hegseth से अलग-अलग बातचीत की। इससे संकेत मिलता है कि इज़रायल इस समय अमेरिका के साथ समन्वय को प्राथमिकता दे रहा है।

निष्कर्ष
Mar-a-Lago की यह मुलाकात सिर्फ आपसी प्रशंसा तक सीमित नहीं रही। इसके जरिए अमेरिका और इज़रायल ने यह संदेश देने की कोशिश की कि वे गाज़ा संकट, सीज़फायर और क्षेत्रीय सुरक्षा पर एक ही लाइन पर हैं। आने वाले दिनों में यह समझौता जमीन पर कितना असर दिखाता है, यही सबसे बड़ा सवाल रहेगा।

Q&A Section
Q1: ट्रंप और नेतन्याहू की यह मुलाकात क्यों अहम है?
क्योंकि यह ऐसे समय हुई है जब गाज़ा में सीज़फायर का भविष्य अनिश्चित है और अमेरिका की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।

Q2: क्या इस बैठक से सीज़फायर आगे बढ़ने की उम्मीद है?
ट्रंप ने दूसरे चरण तक जल्दी पहुंचने की बात कही है, लेकिन शर्तों और ज़मीनी हालात पर सब कुछ निर्भर करेगा।

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