अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक ऐतिहासिक बयान दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि “गाजा में युद्ध अब समाप्त हो चुका है।” इजरायल और मिस्र की यात्रा पर रवाना होने से पहले ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि उन्हें विश्वास है कि युद्ध विराम कायम रहेगा और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।
मुख्य तथ्य
- ट्रंप बोले – “गाजा का युद्ध खत्म हो चुका है, अब शांति का वक्त है।”
- अमेरिका, मिस्र, कतर और तुर्की की संयुक्त मध्यस्थता से युद्ध विराम समझौता हुआ।
- गाजा के पुनर्निर्माण के लिए जल्द “शांति बोर्ड” का गठन होगा।
- ट्रंप इजरायल की संसद नेसेट को संबोधित करने वाले दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति बनेंगे।
- मिस्र में राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी संग शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
“युद्ध खत्म हो गया” – ट्रंप का बड़ा ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि गाजा में युद्ध अब खत्म हो गया है। इजरायल और मिस्र की यात्रा से पहले एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “युद्ध खत्म हो चुका है और आप यह समझते हैं। मुझे लगता है कि हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।”
युद्ध विराम समझौते पर भरोसा जताया
ट्रंप ने युद्ध विराम समझौते पर बात करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह समझौता लंबे समय तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह जारी रहेगा। लोग अब युद्ध से थक चुके हैं — चाहे यहूदी हों, मुसलमान हों या अरब देश। हर कोई अब शांति चाहता है।”
कतर और नेतन्याहू को दिया श्रेय
ट्रंप ने गाजा में युद्ध विराम की मध्यस्थता के लिए कतर की भूमिका की प्रशंसा की। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी अच्छा काम करने के लिए सराहा और कहा कि शांति की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। ट्रंप ने घोषणा की कि जल्द ही गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए एक ‘शांति बोर्ड’ गठित किया जाएगा।
ऐतिहासिक दौरे पर ट्रंप
ट्रंप की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है। वे अमेरिका से रवाना होकर पहले इजरायल जाएंगे, जहां वे संसद नेसेट को संबोधित करेंगे। इससे पहले 2008 में जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने ऐसा किया था। इसके बाद ट्रंप मिस्र पहुंचेंगे, जहां वे राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सीसी के साथ शर्म अल-शेख शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।
गाजा और मध्य पूर्व में शांति पर चर्चा
शर्म अल-शेख में होने वाले इस सम्मेलन में गाजा और व्यापक मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा पर चर्चा की जाएगी। इसमें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय परिषद, भारत सहित 20 से अधिक देशों के नेता भाग लेंगे। ट्रंप ने कहा कि यह सम्मेलन “भविष्य की स्थिरता और क्षेत्रीय संतुलन के लिए निर्णायक” होगा।


