वेनेजुएला पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई अचानक लिया गया फैसला नहीं थी। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की गिरफ्तारी के पीछे महीनों की जासूसी, अभ्यास और बेहद सटीक सैन्य योजना थी।
अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन को इतने गोपनीय तरीके से अंजाम दिया कि वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
मादुरो और उनकी पत्नी को अब अमेरिका लाया जा चुका है, जहां उन पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों में मुकदमा चलेगा। फिलहाल मादुरो को न्यूयॉर्क के ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
150 से ज्यादा विमानों से किया गया हमला
अमेरिकी सेना ने इस अभियान में अभूतपूर्व स्तर पर हवाई ताकत का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 150 से ज्यादा सैन्य विमान एक साथ ऑपरेशन में शामिल थे। इन विमानों ने वेनेजुएला के आसपास स्थित 20 से ज्यादा हवाई अड्डों से उड़ान भरी।
अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष डैन केन के अनुसार, इस ऑपरेशन में
- F-22
- F-35
- F-18
- EA-18
- E-2
- B-1 बमवर्षक
और कई सहायक विमान शामिल थे।
इसके अलावा, रिमोट से संचालित ड्रोन भी लगातार निगरानी में लगाए गए थे।
यह अभियान 2 जनवरी की रात 11:46 बजे शुरू हुआ।
मादुरो के आवास की पूरी जानकारी थी अमेरिका के पास
अमेरिका ने महीनों तक मादुरो की दिनचर्या पर नजर रखी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी एजेंसियों को यह तक पता था कि मादुरो क्या खाते हैं, कहां आते-जाते हैं और उनकी सुरक्षा व्यवस्था कैसी है।
जब अमेरिकी सैनिक मादुरो के आवास में दाखिल हुए, तो उन्हें जानकारी थी कि वहां स्टील की दीवारों वाला एक सुरक्षित कमरा है। सैनिकों ने पहले उस कमरे में घुसने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार मादुरो और उनकी पत्नी को बेडरूम से बाहर घसीटकर अपने कब्जे में लिया गया।

CIA के लिए काम कर रहा था मादुरो का करीबी
इस ऑपरेशन में खुफिया स्तर पर भी बड़ी सेंध लगी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि CIA का एक गोपनीय सूत्र वेनेजुएला में ही मौजूद था, जो मादुरो की हर गतिविधि की जानकारी अमेरिका को दे रहा था।
यह साफ नहीं है कि इस व्यक्ति को कैसे भर्ती किया गया, लेकिन माना जा रहा है कि मादुरो पर घोषित 400 करोड़ रुपये के इनाम ने इसमें अहम भूमिका निभाई।
मादुरो के घर की हूबहू नकल बनाकर हुआ अभ्यास
अमेरिकी डेल्टा फोर्स और अन्य विशेष बलों ने मादुरो के आवास की एक सटीक कॉपी तैयार की थी।
इसी नकली ढांचे में महीनों तक अभ्यास किया गया—कहां से घुसना है, कहां से निकलना है और किस स्थिति में क्या कदम उठाना है।
सैनिकों के पास एक ब्लोटॉर्च भी थी, ताकि जरूरत पड़ने पर स्टील के दरवाजों को पिघलाकर अंदर घुसा जा सके।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान काराकस की कई लाइटें सुरक्षा कारणों से बंद कर दी गई थीं।
चंद घंटों में पूरा हुआ पूरा ऑपरेशन
ऑपरेशन की टाइमलाइन भी अब सामने आ चुकी है—
- 2 जनवरी, रात 11:46 बजे: ट्रंप ने ऑपरेशन शुरू करने का आदेश दिया
- अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को निष्क्रिय किया
- 3 जनवरी, रात 2:01 बजे: अमेरिकी हेलीकॉप्टर मादुरो के आवास में उतरे
- सुबह 4:29 बजे: मादुरो को अमेरिकी विमानवाहक पोत पर चढ़ाया गया
- शाम 4:30 बजे: एक विमान से मादुरो को न्यूयॉर्क लाया गया
ट्रंप के मुताबिक, मादुरो को पकड़ने में सिर्फ आधा घंटा लगा।
यह ऑपरेशन न सिर्फ सैन्य ताकत का प्रदर्शन था, बल्कि यह भी दिखाता है कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर कार्रवाई के लिए कितनी गहराई से तैयारी की थी। इसके राजनीतिक और वैश्विक असर आने वाले दिनों में और साफ होंगे।


