अमेरिका के जॉब मार्केट को लेकर हाल के आंकड़े भले ही चिंता बढ़ा रहे हों, लेकिन कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री की तस्वीर थोड़ी अलग है। इस सेक्टर में कामगारों की मांग लगातार बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में यह चुनौती और गहरी हो सकती है।
Associated Builders and Contractors (ABC) नामक ट्रेड ग्रुप के मुताबिक, 2027 में अमेरिकी कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री को करीब 4 लाख 56 हजार नए कामगारों की जरूरत पड़ेगी। यह आंकड़ा इस साल की जरूरत से करीब 30 फीसदी ज्यादा है। ABC के चीफ इकोनॉमिस्ट अनिर्बान बसु का कहना है कि अगर यह जरूरत पूरी नहीं हुई, तो कुछ क्षेत्रों और खास स्किल्स में लेबर की कमी और गंभीर हो जाएगी, जिससे मजदूरी लागत पर दबाव बढ़ेगा।
रिटायरमेंट भी बड़ी वजह
दिलचस्प बात यह है कि इस साल नई भर्तियों की बड़ी वजह AI या नए प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि पुराने कामगारों का रिटायर होना है। बसु के मुताबिक, मौजूदा अनुमान पहले के वर्षों की तुलना में थोड़ा कम जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि दबाव घटा है।
ABC का आकलन है कि कंस्ट्रक्शन खर्च अब कई साल की सुस्ती के बाद दोबारा बढ़ने की ओर है। संगठन के मॉडल के अनुसार, कंस्ट्रक्शन पर खर्च होने वाला हर अतिरिक्त 1 अरब डॉलर करीब 3,450 नई नौकरियों की मांग पैदा करता है। अगर मौजूदा खर्च अनुमान से ज्यादा निकला, तो कामगारों की जरूरत और बढ़ सकती है।
AI कंपनियों का भारी निवेश
इसी बीच AI सेक्टर से जुड़ी बड़ी टेक कंपनियों ने निवेश को लेकर वॉल स्ट्रीट को चौंका दिया है।
Meta, Microsoft, Amazon, Google और Oracle जैसी कंपनियां मिलकर 2026 में करीब 700 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में हैं। यह रकम पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा AI चिप्स और डेटा सेंटर्स के निर्माण में जाएगा, जिससे कंस्ट्रक्शन सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा।
ABC के मुताबिक, 2025 के पहले 10 महीनों में नए डेटा सेंटर्स के निर्माण पर खर्च 32 फीसदी बढ़ चुका है। अगस्त 2024 के बाद से नॉन-रेजिडेंशियल स्पेशल्टी ट्रेड कॉन्ट्रैक्टर्स में 95 हजार नई नौकरियां जुड़ी हैं।
इमिग्रेशन सख्ती से बढ़ी परेशानी
जहां एक तरफ मांग बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर कामगारों की सप्लाई पर दबाव है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीति के चलते कंस्ट्रक्शन सेक्टर को मिलने वाला पारंपरिक लेबर फ्लो काफी हद तक रुक गया है।
Associated General Contractors of America के मुताबिक, पिछले साल 92 फीसदी कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने माना कि उन्हें योग्य कामगार ढूंढने में दिक्कत हो रही है। इसका नतीजा कई प्रोजेक्ट्स में देरी के रूप में सामने आ रहा है।
AI प्रोजेक्ट्स से दूसरी योजनाओं पर असर
अनिर्बान बसु का कहना है कि AI डेटा सेंटर्स से जुड़े प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन कंपनियों के लिए ज्यादा फायदे वाले होते हैं। इसका असर यह हो रहा है कि अपार्टमेंट, फैक्ट्रियां और हेल्थकेयर सुविधाओं जैसे दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए लेबर मिलना और मुश्किल हो रहा है।
कुल मिलाकर, अमेरिका का कंस्ट्रक्शन सेक्टर एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां काम की कमी नहीं है, लेकिन हाथों की कमी साफ दिख रही है। AI निवेश ने रफ्तार बढ़ा दी है, अब सवाल यह है कि इंडस्ट्री इस बढ़ती मांग को कैसे संभालेगी।


