सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में उस वक्त माहौल कुछ अलग था। यह सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं था, बल्कि उस्मान ख्वाजा के अंतरराष्ट्रीय करियर का आख़िरी अध्याय भी था। जैसे ही ऑस्ट्रेलिया के लिए ख्वाजा का टेस्ट सफर खत्म हुआ, स्टैंड्स में बैठी उनकी पत्नी रैचेल की आंखों से आंसू छलक पड़े—और यह दृश्य खुद में बहुत कुछ कह गया।
ख्वाजा के संन्यास लेते ही पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। कैमरे बार-बार स्टैंड्स की ओर गए, जहां रैचेल भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रही थीं। सोशल मीडिया पर भी इस पल की तस्वीरें और वीडियो तेजी से फैल गईं, मानो हर कोई उस भावनात्मक विदाई का हिस्सा बन गया हो।
मैच की बात करें तो पहली पारी में ख्वाजा सिर्फ 17 रन ही बना सके थे। दूसरी पारी में जब उन्होंने विल जैक्स की गेंद पर फ्लिक शॉट से चौका लगाकर खाता खोला, तो SCG में बैठे दर्शकों को एक पल के लिए उम्मीद जगी कि शायद विदाई कुछ और खास होगी। लेकिन यह उम्मीद ज्यादा देर तक नहीं टिक पाई। जल्द ही वह जोश टंग की गेंद पर चॉप ऑन हो गए।
इसके बाद जो हुआ, वह स्कोरकार्ड से कहीं बड़ा था। ख्वाजा जब आख़िरी बार टेस्ट मैदान से लौटे, तो दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच ख्वाजा ने मैदान की ओर हाथ हिलाया, घुटनों के बल झुके और पिच को चूमकर टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा।
स्टैंड्स में बैठी रैचेल यह सब देखती रहीं—आंखों में आंसू, चेहरे पर गर्व और सुकून। यह सिर्फ एक क्रिकेटर की विदाई नहीं थी, बल्कि उस सफर की झलक थी, जिसमें परिवार, त्याग और सालों की मेहनत शामिल होती है।
उस्मान ख्वाजा का यह आख़िरी टेस्ट ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए एक भावुक क्षण बन गया—एक ऐसा पल, जिसे आंकड़ों से नहीं, यादों से मापा जाएगा।


