डीवाई पाटिल स्टेडियम की फ्लडलाइट्स के नीचे शुक्रवार रात एक बार फिर वही मंच सजेगा, जहां 68 दिन पहले भारतीय महिला टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। फर्क बस इतना होगा कि इस बार मैदान में उतरने वाली हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना साथ नहीं, बल्कि एक-दूसरे के सामने कप्तान के रूप में होंगी।
महिला प्रीमियर लीग (WPL) का चौथा सीजन पहले के मुकाबले ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने का संकेत दे रहा है। मेगा ऑक्शन के बाद टीमों को खुद को नए सिरे से तैयार करने का मौका मिला है। वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट पर ध्यान पहले से कहीं ज्यादा है, और ऐसे में WPL 2026 की अहमियत भी बढ़ गई है।
अब तक WPL ने भारत की शीर्ष खिलाड़ियों को सिर्फ मुकाबले खेलने वाली टीम से आगे बढ़ाकर खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। लेकिन इस सीजन की असली परीक्षा नए नामों को सामने लाने में होगी, जो स्थापित सितारों को चुनौती दे सकें।
WPL से निकले वर्ल्ड कप के नायक
भारत की वर्ल्ड कप विजेता टीम में तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और स्पिनर श्री चरणी ऐसे उदाहरण हैं, जिनकी काबिलियत सबसे पहले WPL में दिखी। दिल्ली कैपिटल्स ने चरणी पर भरोसा जताया और उन्हें फाइनल में उतारा। इसके बाद उन्होंने भारत के लिए डेब्यू किया और खिताबी अभियान में अहम भूमिका निभाई।
क्रांति की रफ्तार उनके पहले ही सीजन में चर्चा का विषय बनी और वह बहुत जल्दी भारत की प्रमुख तेज गेंदबाजों में गिनी जाने लगीं।
हालांकि इस साल होने वाले टी20 वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम का कोर ग्रुप काफी हद तक तय माना जा रहा है, लेकिन हेड कोच अमोल मजूमदार और चयनकर्ता चाहते हैं कि कुछ नए नाम ऐसे प्रदर्शन करें, जो उन्हें सोचने पर मजबूर कर दें। प्रतिस्पर्धा से ही टीम और मजबूत होती है।
कप्तानों की नजर में WPL की अहमियत
मुंबई इंडियंस के प्री-सीजन इवेंट में हरमनप्रीत कौर ने कहा कि WPL हर साल महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रही है। उनके मुताबिक, वर्ल्ड कप जीत में भी लीग का असर साफ दिखा था और इस सीजन में टीमों ने जो युवा टैलेंट चुना है, उससे मुकाबले और रोमांचक होंगे।

वहीं आरसीबी की कप्तान स्मृति मंधाना का मानना है कि WPL में अच्छा प्रदर्शन करने वालों के लिए राष्ट्रीय टीम के दरवाजे कभी बंद नहीं होते। उनका कहना है कि अगर कोई खिलाड़ी इस सीजन में असाधारण खेल दिखाता है, तो टी20 वर्ल्ड कप टीम में जगह मिलना भी संभव है।
नए चेहरों के लिए बड़ा मौका
श्रेयांका पाटिल जैसी खिलाड़ी इस सीजन खुद को साबित करने को तैयार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर झलक दिखाने के बावजूद चोटों ने उनके करियर की रफ्तार धीमी की थी। पिछले सीजन WPL से बाहर रहने के बावजूद आरसीबी ने उन्हें रिटेन किया, जो टीम के भरोसे को दिखाता है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता जी कमलिनी और जी त्रिशा भी ऐसे नाम हैं, जिनसे काफी उम्मीदें हैं। वहीं वैष्णवी शर्मा, जो टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज रहीं और श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज में भी प्रभावित कर चुकी हैं, मेगा ऑक्शन में नहीं बिक पाईं। यह बात भी संकेत देती है कि भविष्य में लीग के विस्तार की जरूरत महसूस की जा सकती है।
16 साल की दीया यादव के लिए शैफाली वर्मा के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करना सीखने का बड़ा मौका होगा।
सितारे मौजूद, लेकिन असली कहानी टैलेंट की
हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा और शैफाली वर्मा जैसे नाम पहले से ही पहचान बना चुके हैं और अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी से उनसे बड़ी उम्मीदें होंगी। विदेशी खिलाड़ियों पर निर्भरता भी बनी रहेगी, क्योंकि टीमों ने भारी निवेश किया है।
लेकिन WPL 2026 की असली सफलता तब मानी जाएगी, जब देश के अलग-अलग हिस्सों से आए घरेलू खिलाड़ी प्राइम टाइम में, बड़े मंच पर, फ्लडलाइट्स के नीचे अपनी छाप छोड़ेंगे और भारतीय महिला क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देंगे।


